चलो आज बात करते है दोस्तों इंसान की पहचान की, की कैसे आप आज की गिरगिट जैसी दुनिया में इंसान की पहचान कर सकते है.जी हा सही कहा कहि कहि तो गिरगिट भी शरमा जाता है.और सोच में पड़ जाता है की में ज्यादा रंग बदलता हूँ या आज का इंसान.

पहले में आपको ये क्लियर कर देता हु की यह इंसान की बात हो रही है.
इन्सान = मनुष्य जाती में पैदा होने वाला या वाली

आचार्य चाणक्य द्वारा बताए गए इन उपायों को अपना कर आप भी एक अच्छे इंसान की पहचान कर सकते हैं। तो आइये जानते हैं।

-: एक अच्छे इंसान की सबसे बड़ी पहचान होता है उसका गुण। कोई भी इंसान किसी के साथ कैसा व्यवहार करता है इसी से उसके अच्छाई या बुराई का पता चल पाता है।
-: एक अच्छे व्यक्ति में एक अच्छा आचरण होता है जो उसके अच्छाई को व्यक्त करता है। एक अच्छा व्यक्ति कभी किसी का नुकसान नही चाहता बल्कि उसकी मदद करने को हर पल तैयार रहता है।
-: एक अच्छे व्यक्ति के अंदर दान देने की भावना हमेशा रहती है और वह गरीबो को हर समय मदद करता रहता है।

ऊपर बताई गयी आचार्य चाणक्य जी की बाते में दम तो है बॉस लकिन आज की दुनिया में और भी बहुत कुछ आपको अपने माइंड में सेट करना होगा तभी जा के आप किसी इंसान को समझने की कोशिश कर सकते हो.
जो आज की दुनिया में हर किसी के लिए उतना ही जरुरी है जितना जीने के लिए खाना पानी.

इन्सान की पहचान -:
-: किसी को भी समझने के लिए सबसे पहले उसके नज़दीक जाना जरूरी है। यहां नज़दीकी से तात्पर्य शारीरिक नज़दीकी नहीं, बल्कि व्यवहारिक तौर पर नज़दीकी बढ़ानी जरूरी है। उसके बाद आप उसके सोचने के        बारे में जानकारी ले और याद रखे की इस बात की उसको जरा भी भनक न लगे की आप उसे समझने की कोशिश कर रहे हो. नही तो वो कुछ टाइम के लिए अपना व्यवहार बदल सकता है. जिससे की आपको उसे       समाज ने में गलतियां हो सकती है.

-: उसके हाव-भाव को समझें यदि आप यह समझ जाएं तो दुनिया में ऐसा कोई इंसान नहीं होगा, जो आपको धोखा देने की क्षमता रखता हो। सामने वाले इंसान के हाव-भाव को समझ सकना यूं तो आसान नहीं होता,    लेकिन इतना मुश्किल भी नहीं है जितना कि दिखाई पड़ता है। केवल जरूरत है तो थोड़ा सतर्क रहने की।.

-: इस कला को ‘बॉडी लैंग्वेज’ पढ़ना कहते हैं। जी हां, सामने वाला इंसान किस प्रकार से बात कर रहा है, उसकी आंखों की मूवमेंट, उसके द्वारा हाथों का किस प्रकार से इस्तेमाल करना, वह कैसे चलता है,    या किस अंदाज़ में बात करता है; यह सभी बातें हमें उसके व्यवहार की झलक देती हैं।

-: सावधानी से यदि किसी के छोटे-बड़े अंदाज़ पर गौर किया जाए, तो उसके दिमाग में क्या चल रहा है उसे समझ सकना कोई कठिन कार्य भी नहीं है। उदाहरण के तौर पर एक बात काफी लोकप्रिय है कि जब कोई       इंसान झूठ बोल रहा होता है तो वह सामने वाले इंसान की आंखों में आंखें मिलाकर बात करने की हिम्मत नहीं कर पाता है। लकिन आज की दुनिया में ये गलत साबित हो चूका है. आज का इंसान आँखों में आँखे डाल       कर ही झूट बोलता है. लकिन आप उसकी बात को परखते रहे बार बार उसको बिना बताए.

-: कोई भी इंसान किसके फायदे की ज्यादा सोचते है.ये बहुत ही महत्व पूर्ण है.एक अच्छा इंसान की पहचान ये है की वो किसी का नुकसान नहीं करता और सिर्फ पॉजिटिव बातें ही सोचता है.

-: आपके हित के बारे में वो कितना सोच रहा है.ये भी जानना बहुत जरूरी है.कहीं ऐसा तो नही की वो अपने लिए आपको उसे करा है अपने बड़े फायदे के लिए वो आपका छोटा मोटा फायदा करा सकता है. ये आपको        खुद ही समझना होगा.

-: सबसे बड़ी पहचान इंसान की जब होती है जब कोई निगेटिव बात आप उसके लिए करते हो फिर उसका वो कैसा रिएक्शन देता है.एक अच्छा इंसान सब कुछ नार्मल तरीके से आसानी से सॉल्व कर लेता है.

-: अगर कोई इंसान सिर्फ अपने फायदे की बात करता है तो वो इंसान बिलकुल भी अच्छा नहीं हो सकता.


आज आपका साथी आपको धोखा देकर गया है तो इसमें आपकी बराबर की गलती है। उसके द्वारा धोखा देने के खेल में आप बराबरी के हिस्सेदार रहे हैं। लेकिन अगर आपको यह मालूम होता कि आपका साथी आपके साथ धोखा कर रहा है तो क्या आप उसे ऐसा करने देते.लेकिन अगर आप उसकी सब बातों पर आँखे बंद करके विश्वास करते है तो आप अपने आपको धोखा देने में उसकी मदद कर रहे है. शायद नहीं! लेकिन फिर भी आपकी गलती तो है। गलती है उसे ठीक तरह से ना पहचानने की। गलती है इतने लम्बे समय तक उसके साथ रहते हुए भी उसकी हरकतों को नजरअंदाज़ करने की।लेकिन हम चाहें तो हम भी सामने वाले इंसान को काफी हद तक पढ़ सकते हैं।