क्रेडिट कार्ड  -:
प्लास्टिक कार्ड है. बिलकुल आप के ए टी एम कार्ड (डेबिट कार्ड) जैसा होता है. बस अंतर इतना होता है की एटीएम कार्ड में आपके बैंक में रखे पैसे निकाले जाते है. और क्रेडिट कार्ड में आप उधार लेते हो बैंक से.
जी हा बिलकुल और इस कार्ड के इस्तेमाल से खरीदारी मुमकिन है
बैंकों के द्वारा अपने ग्राहकों के लिए क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाता है लगभग सभी बैंक क्रेडिट कार्ड की सुविधा अपने ग्राहकों को को प्रदान करते हैं। क्रेडिट कार्ड एक ऐसा कार्ड होता है जिसमें बैंक अपने ग्राहकों को उधार के रूप में पैसे पेमेंट करने की सुविधा प्रदान करती है। उदाहरण के लिए:-अगर आप आज क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके कोई सामान खरीदते हैं तो जिस भी बैंक का क्रेडिट कार्ड है वह उस बस समय आपका पैसा पे कर देगा, और आपको उस पैसे का भुगतान क्रेडिट कार्ड वाले बैंक को 50 दिन के बाद करना होगा यानी आपने जो आज सामान खरीदा उसका पैसा क्रेडिट कार्ड वाले बैंक ने दे दिया और उस पैसे को आपको बैंक में 50 दिन बाद पेमेंट करना होगा। 50 दिन आपके बिल स्टेटमेंट डेट से सुरु होते है. आपको 50 दिन तब ही मिलते है जब आप अपनी बिल डेट क नेक्स्ट डे कोई परचेस करते हो नही  तो वो कम होते जाते है. अंततः हम कह सकते हैं कि बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड के माध्यम से एडवांस में उधार देती है

आप ऐसे समझ सकते हो जैसे 5 तारिक को आपका बिल बनता है उसके बाद आपको 20 दिन मिलते है उसे पय करने को. अब अगर आपका बिल 5 को बना तो और अपने 6 तारिक को 2000 रूपये का सामान ख़रीदा अब नेक्स्ट 5 तारिक को बिल बनेगा और फिर उसके बाद आपको 20 दिन मिलेंगे उसको पय करने को और इस तरह आपको टोटल 50 दिन मिलते है
क्रेडिट कार्ड से तय लिमिट में खरीदारी की जा सकती है। क्रेडिट कार्ड से तय कैश लिमिट में पैसे निकाले जा सकते हैं। क्रेडिट कार्ड से निकाली रकम को एक बार में सारी रकम लौटाना जरूरी नहीं है, बल्कि न्यूनतम रकम लौटाकर बाकी बाद में चुकाई जा सकती है। लेकिन बाकी रकम पर ब्याज चुकाना होगा और ब्याज के साथ दूसरे चार्जेज भी चुकाने होंगे। क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें 30-40 (%)फीसदी सालाना तक होती हैं। क्रेडिट कार्ड के स्टेटमेंट में ब्याज 2(%) फीसदी या 3(%) फीसदी मासिक हो सकता है



क्रेडिट कार्ड  का उपयोग -:
क्रेडिट कार्ड  का उपयोग बिलकुल एटीएम कार्ड के जैसे ही होता है. जैसे पिन, ओ टी पी आदि आदि! क्रेडिट कार्ड के पीछे 3 डिजिट का सीवीवी नंबर होता है और ऑनलाइन खरीदारी में सीवीवी नंबर जरूरी है। क्रेडिट कार्ड पर एक्सपायरी डेट होती है और क्रेडिट कार्ड के पिन नंबर के बिना ट्रांजैक्शन नहीं हो सकता है।
क्रेडिट कार्ड  का उपयोग आप एक लिमिट तक ही कर सकते है जितनी बैंक ने आपको प्रदान की है.

क्रेडिट कार्ड  के फायदे -:

- क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आप कभी भी कहीं से ऑनलाइन या ऑफ़लाइन शॉपिंग कर सकते हैं.
- आप अपने बिल, पालिसी, पेट्रोल और अन्य  बहुत तरह के पेमेंट कर सकते है.
- आपको बहुत सारा कैश ले जाने की जरुरत नही है.
- पेमेंट करने का स्मार्ट तरीका है
- रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कर के आप कुछ सामान फ्री में ले सकते हो (जैसे मैने 700 रूपये का पैट्रॉल लिया था)

क्रेडिट कार्ड  के नुक्सान  -:

- क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने पर फीस लगती है.
- न चाहते हुए भी आप ज्यादा खर्चा कर देते हो (जी हा सच में इसीलिये बहुत सारे लोग आपको क्रेडिट कार्ड न रखने की सलाह देते हुए मिल जायेंगे).
- अगर आपने जरा सी भी लापरवाही कर दी तो आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते है.
- देय डेट पर बिल न जमा करने पर आपको पेनल्टी लग जाती है जो बहुत ज्यादा होती है.
- आपकी बचत कम हो सकती है.
- पेमेंट वक्त पर ना करने पर क्रेडिट स्कोर में गिरावट मुमकिन है।


क्रेडिट कार्ड  के उपयोग करने का स्मार्ट तरीका -:

अगर कुछ बातों का नियम बना के उपयोग किया जाये तो आपके लिए बहुत फायदे मंद साबित हो सकता है. जैसे हम आपको बता रहे है ठीक वैसा ही उसे करे वरना आपका बहुत नुकसान कर सकता है.और हा एक बार और की क्रेडिट कार्ड के साथ फ्रॉड कभी न करें वरना आपको क़ानूनी पर्किर्या के साथ साथ आपका सिविल स्कोर खराब हो सकता है.और सिविल ख़राब होने पैर कोई भी बैंक आप पर विश्वाश नही करेगा आप चाह कर भी आगे किसी भी बैंक से उधार (लोन) नहीं ले पाओगे.

- एक या दो अधिकतम (तीन) क्रेडिट कार्ड ही बनाए उससे ज्यादा नहीं.
- अपनी बिल डेट को याद रखे.
- अपना बिल देय डेट से पहले भर दे.
- अपने सारे खर्चे का हिसाब ठीक से मिलान करें.
- क्रेडिट कार्ड से कैश कभी न निकाले. कैश निकालने पर ब्याज पैसे निकालने के दिन से लागू हो जाता है। लिहाजा बकाया सारी रकम एक साथ चुकाने की कोशिश करें.
- लाइफ टाइम फ्री कार्ड का उपयोग करें.
- अपने स्टेटमेंट की सभी लेन देन का मिलान करे.
- कार्ड और उससे जुडी कोई भी जानकारी किसी को भी न बताएं.